
26 जनवरी के उपलक्ष में सभी युवा साथियों को संविधान के प्रति जागरूक किया संवैधानिक अधिकारों के अपने मौलिक अधिकारों को एवं पारंपरिक वेशभूषा के साथ जागरूक करने के लिए अपना उद्बोधन दिया पारंपरिक नाग नियम दस्तूर ही हमारी पहचान को बतलाती है संविधान के दायरे में रहकर सभी धर्म का सम्मान करना ही समाज की उन्नति और देश राष्ट्र की उन्नति के लिए के लिए लोगों को पारंपरिक रूप से समझाया गया जिसमें ग्राम के युवा साथी व ग्राम के सभी लोग उपस्थित रहे जल जमीन जंगल को बचाने को लेकर सभी धर्म प्रेमीयो को मंच संबोधित करते हुए समझाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए धन्नु धुर्वे जी।












